जब स्कूल में पादरी ने बच्चे से पुछा की तुम प्राथना क्यों नहीं करते हो ? – ओशो | Osho

एक छोटे बच्चे से उसके स्कूल में पादरी ने पूछा कि तेरे घर पर तू रात प्रार्थना करके सोता है न? उसने कहा, कभी-कभी। पादरी ने पूछा, कभी-कभी! और कभी-कभी क्यों नहीं करता? उसने कहा कि जब मैं अकेला होता हूं, जब मुझे डर लगता है, तब करता हूं। और जब कमरे में पिताजी सोए … Read more जब स्कूल में पादरी ने बच्चे से पुछा की तुम प्राथना क्यों नहीं करते हो ? – ओशो | Osho

अकबर और तानसेन की रोचक कहानी – ओशो | Osho

अकबर ने एक दिन तानसेन को कहा, तुम्हारे संगीत को सुनता हूं, तो मन में ऐसा ख्याल उठता है कि तुम जैसा गाने वाला शायद ही इस पृथ्वी पर कभी हुआ हो और न हो सकेगा। क्योंकि इससे ऊंचाई और क्या हो सकेगी। इसकी धारणा भी नहीं बनती। तुम शिखर हो। लेकिन कल रात जब … Read more अकबर और तानसेन की रोचक कहानी – ओशो | Osho

जीसस और एक स्त्री की कहानी – ओशो | by Osho

जीसस के पास एक स्त्री को लाया गया। गांव स्त्री के खिलाफ है, क्योंकि स्त्री ने व्यभिचार किया है। और पुरानी बाइबिल कहती है कि जो स्त्री व्यभिचार करे, उसे पत्थरों से मार डालना चाहिए। जीसस नदी के किनारे रेत पर बैठे हैं। सारा गाव इकट्ठा हो गया है और उन्होंने कहा, इससे, जीसस से … Read more जीसस और एक स्त्री की कहानी – ओशो | by Osho

भगवान बुद्ध और एक विधवा की कहानी – ओशो

भगवान बुद्ध को उस विधवा पर भी दया नहीं आयी जिसका इकलौता नन्हा मृत्यु ने छीन लिया था। और उन्होंने मृत्यु—शथ्या पर पड़े स्वर्णकार को मृत्यु की तैयारी करने का उपदेश दिया। दूसरी तरफ जीसस क्राइस्ट ने अंधे को आंख, रोगी को आरोग्य और मृत को जीवनदान किया। फिर भी आश्चर्य है कि बुद्ध महाकारुणिक … Read more भगवान बुद्ध और एक विधवा की कहानी – ओशो

अजीब प्रेम है तुम्हारा! अगर यही प्रेम है, तो हत्या करना किसे कहते हैं ? – ओशो

अजीब प्रेम है तुम्हारा! अगर यही प्रेम है, तो हत्या करना किसे कहते हैं ? जब भी फूल प्यारा लगता है, तो पहला काम कि तोड़ो झटके से; उसके जीवन को नष्ट करो। उसका जो जीवंत रूप था, हटाओ। और एक मुर्दे फूल को खीसे में लगाकर घूमो। शायद फूल से आपको बिलकुल प्रेम नहीं … Read more अजीब प्रेम है तुम्हारा! अगर यही प्रेम है, तो हत्या करना किसे कहते हैं ? – ओशो

वासना और प्रेम में क्या अंतर है? – ओशो

कामुकता विदा हो सकती है लेकिन स्त्री आकर्षण विदा नही होता है| आकर्षण जीवन के अंत तक रहता है | वासना नही जाती सिर्फ वासना परिवर्तन होती है जिसे प्रेम कहते है|   वासना का ही दूसरा रूप प्रेम है| वासना और प्रेम अलग अलग नही है| वासना की शुद्तं अवस्था प्रेम है ! कोई … Read more वासना और प्रेम में क्या अंतर है? – ओशो

मन को शून्य कैसे करें? – ओशो | Osho

साक्षी है निर्विचार दशा। विश्लेषण नहीं, संश्लेषण नहीं, चिंतन नहीं, मनन नहीं, मात्र जागरण। बोध मात्र। कभी—कभी तुम प्रयोग करो। कभी—कभी आख बंद कर लो और अपने मन को कहो कि तू जो चाहे कर। तुझे जो विचार उठाने हैं, वह उठा। संकोच न कर, बुरे — भले की भी फिक्र मत कर, अब तक दबा—दबा रहा—यह उठा, यह न उठा—अब तू उठा … Read more मन को शून्य कैसे करें? – ओशो | Osho

ध्यान क्या है? – ओशो | What is Meditation by Osho

स्वयं के साथ होना ध्यान है| जब तुम एक बार भीतर प्रवेश करते हो, ध्यान शुरू हो जाता है ¦ ध्यान मतलब अकेले में आनंदित रहने की क्षमता, स्वयं के साथ खुश रहने की क्षमता, स्वयं के साथ रहने की क्षमता है। स्वयं के साथ रहना ध्यान है। ध्यान में किसी दूसरे की कोई आवश्यकता … Read more ध्यान क्या है? – ओशो | What is Meditation by Osho

ध्यान की आसान विधि -ओशो | Simplest Meditation Technique by Osho

आधे घंटे को चुपचाप बैठ जाएँ रोज चौबीस घंटे में — और कुछ भी न करें — बस मन को देखते रहें, सिर्फ देखते रहें, Just Observation, सिर्फ देखते रहें — यह हो रहा है, वह हो रहा है। मन में यह विचार आया, वह विचार आया, आया-गया, आया-गया। भीड़ लगी है, रास्ता चल रहा … Read more ध्यान की आसान विधि -ओशो | Simplest Meditation Technique by Osho

जो भी तुम्हारे पास है, आंसू उनमें सबसे अनूठी बात है – ओशो

जो भी तुम्हारे पास है, आंसू उनमें सबसे अनूठी बात है, क्योंकि आंसू.. तुम्हारे अंतस के छलकने का परिणाम हैं। आंसू अनिवार्यत: दुख के ही द्योतक नहीं हैं; कई बार वे भावातिरेक से भी आते हैं, कई बार वे अपार शांति के कारण आते हैं, और कई बार वे आते हैं प्रेम व आनंद से। … Read more जो भी तुम्हारे पास है, आंसू उनमें सबसे अनूठी बात है – ओशो

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